
देहरादून: शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और रेहड़ी-पटरी व्यापारियों को संगठित ढंग से रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम की ओर से देहरादून में 25 नए “स्मार्ट वेंडिंग जोन” विकसित किए जाने की योजना तैयार की गई है।
इस पहल से जहां ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है, वहीं सैकड़ों स्थानीय लोगों को स्वरोजगार का स्थायी अवसर भी मिलेगा।
सातों विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे वेंडिंग जोन
मेयर सौरभ थपलियाल के निर्देश पर तैयार योजना में शहर की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों—राजपुर, धर्मपुर, रायपुर, मसूरी, कैंट, सहसपुर और डोईवाला—को शामिल किया गया है।
उद्देश्य है कि वेंडिंग जोन केवल चुनिंदा बाजारों तक सीमित न रहें, बल्कि पूरे शहर में संतुलित रूप से विकसित किए जाएं, ताकि हर क्षेत्र के फुटकर विक्रेताओं को लाभ मिल सके।
इन स्थानों पर होगा विकास
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इंद्रेश अस्पताल के पास लगभग 150 ठेलियों के लिए सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा। मोहकमपुर क्षेत्र में दो स्थानों पर 80 से 88 ठेलियों के लिए जगह चिन्हित की गई है।
इसके अलावा प्रमुख बाजारों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और आवासीय इलाकों के आसपास छोटे-छोटे वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे।
“स्मार्ट” सुविधाओं से होंगे लैस
स्मार्ट वेंडिंग जोन की अवधारणा केवल ठेलियों को एक स्थान पर खड़ा करने तक सीमित नहीं है। इन जोन में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
साथ ही, ठेला संचालकों का पंजीकरण कर उन्हें पहचान पत्र और निर्धारित स्थान आवंटित किए जाएंगे, जिससे अव्यवस्था और अवैध अतिक्रमण की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
ट्रैफिक दबाव कम करने की पहल
शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच फुटपाथों और सड़कों पर बेतरतीब खड़ी ठेलियां अक्सर जाम का कारण बनती रही हैं। प्रशासन का मानना है कि व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से सड़क किनारे अवैध कब्जों में कमी आएगी और पैदल चलने वालों को भी राहत मिलेगी।
नगर निगम का दावा है कि यह योजना यातायात सुधार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



