
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गढ़वाल मंडल के कमिश्नर और मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडेय (आईएएस) के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने की पुष्टि हुई है। मामले को लेकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नाम और पद का दुरुपयोग
शनिवार को जानकारी मिली कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने विनय शंकर पांडेय के नाम, पद और पहचान का दुरुपयोग करते हुए फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाई है। सूचना मिलते ही विभाग और निजी स्टाफ में हड़कंप मच गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस फर्जी आईडी का इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने, आर्थिक ठगी करने या शासन की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा सकता था।
डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए विनय शंकर पांडेय के निजी सचिव विकास कुमार ने देहरादून की डालनवाला कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शिकायत के साथ फर्जी फेसबुक आईडी के स्क्रीनशॉट और यूआरएल लिंक भी पुलिस को सौंपे गए हैं, ताकि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा सके।
साइबर सेल जांच में जुटी
देहरादून पुलिस ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी है। विशेषज्ञ उस आईपी एड्रेस को ट्रैक करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे यह फर्जी अकाउंट बनाया या संचालित किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस आईडी के माध्यम से किसी से संपर्क किया गया या आर्थिक लेनदेन का प्रयास हुआ या नहीं।
जनता से अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी या सरकारी पदाधिकारी के नाम से आने वाली संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट या संदेशों पर भरोसा न करें। किसी भी स्थिति में अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग या गोपनीय जानकारी साझा न करें।
यदि ऐसा कोई संदिग्ध अकाउंट नजर आए तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर सेल को सूचित करें।



