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शादी समारोह में शराब परोसी तो युवाओं ने तोड़ी कच्ची शराब की भट्टी !

चमोली। चमोली जिले की ग्राम सभाओं में भले ही शराबबंदी को लेकर आए दिन बैठकें होती हों, लेकिन शादी समारोह या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में लिए गए फैसलों का जमीन पर पालन कम ही देखने को मिलता है। ऐसे समय में दशोली ब्लॉक के पगना गांव ने शराबबंदी को लेकर एक मिसाल पेश की है।

गांव में एक शादी कार्यक्रम के दौरान जब कुछ लोगों को शराब पीते हुए देखा गया तो ग्रामीणों को शक हुआ। जांच करने पर सामने आया कि गांव में ही कच्ची शराब बनाकर परोसी जा रही थी। इसके बाद गांव के नवयुवकों ने एकजुट होकर त्वरित कार्रवाई की।

 युवाओं ने तोड़ी भट्टी, लाहन किया नष्ट

ग्रामीण युवकों ने संबंधित घर और गांव के पास स्थित छानियों में लगी कच्ची शराब की भट्टी को तोड़ दिया। साथ ही वहां मौजूद लाहन के कनस्तर और कच्ची शराब को भी नष्ट कर दिया गया। शराब बनाने में शामिल ग्रामीणों को कड़ी चेतावनी दी गई और भविष्य में ऐसी गतिविधियों की सूचना प्रशासन को देने की बात कही गई।

 पलायन से मुक्त, आत्मनिर्भर गांव

करीब 1200 से अधिक आबादी वाले पगना गांव की खास बात यह है कि यह गांव आज भी पलायन की मार से काफी हद तक बचा हुआ है। गांव में राजमा, चौलाई, आलू जैसी नगदी फसलों की खेती होती है, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल रहा है और वे अपने गांव से जुड़े हुए हैं।

 शराबबंदी के साथ जुर्माने का भी नियम

इस वर्ष की शुरुआत में गांव के लोगों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया था कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस फैसले को महिला मंगल दल और युवक मंगल दल सहित सभी ग्रामीणों ने सराहा था।

 चौकसी के बावजूद छानियों में चल रही थी भट्टी

ग्रामीणों के अनुसार, बाहर से गांव में शराब लाने पर सख्त निगरानी के चलते गांव के पास ही छानियों में शराब की भट्टी लगाई गई थी, जहां से कच्ची शराब लाकर पियक्कड़ों को पिलाया जा रहा था।

 सामूहिक पहल बनी उदाहरण

इस कार्रवाई में प्रकाश, संतोष, मोहन, जसपाल सहित कई युवक शामिल रहे। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की सामूहिक पहल से ही समाज को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।

 

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