
कोटद्वार। कोटद्वार में विजिलेंस टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लीडिंग फायरमैन को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी एक निजी स्कूल को फायर एनओसी जारी कराने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। विजिलेंस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया है।
गिरफ्तार लीडिंग फायरमैन की पहचान रणवीर सिंह के रूप में हुई है। विजिलेंस के अनुसार मंगलवार को आरोपी को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
फायर एनओसी के नाम पर मांगी थी रिश्वत
विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार कोटद्वार के एक निजी स्कूल ने फायर एनओसी के लिए फायर स्टेशन में आवेदन किया था। इस आवेदन की जांच लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह को सौंपी गई थी।
रणवीर सिंह अपनी टीम के साथ स्कूल का निरीक्षण भी कर चुका था। स्कूल प्रबंधन ने सभी जरूरी दस्तावेज और सुरक्षा मानकों से संबंधित कागजात आवेदन के साथ जमा कर दिए थे। इसके बावजूद आरोपी ने फाइल को उच्चाधिकारियों के पास अग्रसारित नहीं किया।
पहले 40 हजार, फिर 20 हजार में सौदा
जब स्कूल प्रबंधन ने रणवीर सिंह से संपर्क किया तो उसने 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। स्कूल प्रबंधन द्वारा रकम देने से इंकार करने पर आरोपी 20 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया।
इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने डायल 164 पर शिकायत दर्ज कराई।
ट्रैप टीम ने पकड़ा रंगेहाथ
शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस ने ट्रैप टीम गठित की। सोमवार को रणवीर सिंह ने स्कूल के प्रबंधक को फायर स्टेशन के पास रिश्वत लेकर बुलाया, जहां पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
घर से मिले दस्तावेज, जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने आरोपी के घर पर भी तलाशी ली, जहां से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनकी जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
डायरेक्टर विजिलेंस डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा कि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।



