
देहरादून। आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन देहरादून ने जन जागरूकता अभियान चलाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की जांच की। खाद्य सचल विश्लेषणशाला (मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब) के माध्यम से की गई जांच में पांच नमूनों में दूध में मिल्क फैट कम पाया गया, जबकि तीन मसालों में स्टार्च की मिलावट मिली।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सचिन कुर्वे के निर्देश पर कैंप त्यागी रोड क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान आम उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किए जा रहे दूध, दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, घी, मसाले और दाल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की मौके पर निशुल्क जांच की गई।
71 खाद्य पदार्थों की जांच
खाद्य सचल विश्लेषणशाला के माध्यम से कुल 71 खाद्य पदार्थों की जांच की गई।जिसमे 5 नमूनों में दूध का मिल्क फैट निर्धारित मानक से कम पाया गया और 3 मसालों में स्टार्च की मिलावट मिली।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मनीष सयाना ने बताया कि आम उपभोक्ता अपनी सोसायटी या कॉलोनी में उपयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की निशुल्क जांच के लिए विभागीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
विकासनगर में भी जांच अभियान
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने विकासनगर व्यापार मंडल के साथ बैठक कर व्यापारियों को खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण और खाद्य डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान आठ हाई-रिस्क खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। भारतीय खाद्य प्राधिकरण के निर्देशानुसार पांच सीरियल प्रोडक्ट (दाल) के नमूने जांच के लिए भेजे गए।
अभियान के दौरान उपायुक्त (नोडल) खाद्य सचल विश्लेषणशाला वीरेंद्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह, खाद्य विश्लेषक रमेश जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
खाद्य विभाग ने त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरों को सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।



