
देहरादून। राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब पत्रकार भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। शुक्रवार रात जय भारत टीवी के पत्रकार पर हुए हमले ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। बीच सड़क पत्रकार को रोककर न केवल मारपीट की गई, बल्कि न्यूज चलाने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित पत्रकार हेम भट्ट, निवासी शांति विहार, हरिद्वार बाईपास रोड ने बताया कि वह शुक्रवार को अपने कार्यालय जय भारत टीवी, कॉन्वेंट रोड से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह एमकेपी चौक से आगे रेसकोर्स रोड पर पहुंचे, तभी स्कूटी सवार तीन अज्ञात युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल को ओवरटेक कर जबरन रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की और खबरें चलाने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
घटना के बाद पीड़ित पत्रकार ने डालनवाला कोतवाली में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच उप निरीक्षक नरेंद्र कोटियाल, चौकी प्रभारी आराघर को सौंपी गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में पत्रकार असुरक्षित, पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटना ने राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जब राजधानी में खुलेआम पत्रकारों पर हमला हो सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सवाल यह है कि जब मीडिया कर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है?
पत्रकार संगठनों और मीडिया जगत में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुलिस प्रशासन से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की जा रही है।



