
देहरादून : उत्तराखंड की राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (आरआरपी) ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की ग्रेडिंग प्रणाली में व्याप्त गंभीर विसंगतियों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र प्रेषित कर तत्काल सुधार की मांग की है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय की गणितीय चूक के कारण छात्रों का CGPA अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT रुड़की, NIT जालंधर और HBTU कानपुर की तुलना में 10-15% कम हो रहा है। इसके चलते वीर माधो सिंह भंडारी तकनीकी संस्थान (VMSBTU/GBPIET) पौड़ी सहित UTU के अन्य सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्र ‘प्रथम श्रेणी’ से वंचित रह गए हैं।
सेमवाल ने कहा, “70-79% अंकों पर UTU में केवल 7 ग्रेड पॉइंट दिए जाते हैं, जबकि अन्य संस्थानों में 8 पॉइंट मिलते हैं। इससे GATE में AIR 22, 452 और 547 जैसी रैंक हासिल करने वाले छात्र PSU नौकरियों, CDS/AFCAT पास करने वाले सेना और प्लेसमेंट से वंचित हो रहे हैं। परीक्षा विभाग का वर्कलोड छात्रों के सपनों से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं हो सकता। जब गलती विश्वविद्यालय की है, तो सजा छात्रों को क्यों भुगतनी पड़े?”
आरआरपी का कहना है कि शैक्षणिक परिषद ने दिसंबर 2025 में इस गलती को स्वीकार किया, लेकिन सुधार केवल नए बैचों के लिए लागू किया गया। पुराने बैचों के छात्रों को अनदेखा किया गया, जो कि अन्यायपूर्ण है।
पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि ग्रेडिंग टेबल में सुधार तुरंत पूर्वव्यापी रूप से लागू किया जाए।प्रभावित छात्रों की ग्रेड शीट्स संशोधित की जाएं।जिम्मेदार अधिकारियों पर जांच की जाए और कार्रवाई की जाए।आरआरपी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती, तो पार्टी छात्रों के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी।
सेमवाल ने कहा, “हम राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह मुद्दा उत्तराखंड के हजारों इंजीनियरिंग छात्रों के करियर से जुड़ा है और उम्मीद है कि मुख्यमंत्री स्तर पर शीघ्र हस्तक्षेप होगा।”



