
देहरादून |अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा-2) ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने केस की नए सिरे से गहन जांच शुरू कर दी है। सोमवार को CBI की टीम जांच के सिलसिले में उत्तराखंड पहुंच चुकी है, जिससे मामले में हलचल तेज हो गई है।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद बदला केस का रुख
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। फेसबुक लाइव के जरिए किए गए इस खुलासे में उन्होंने अंकिता हत्याकांड से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति का जिक्र करते हुए उसे ‘गट्टू’ कहकर संबोधित किया।
उर्मिला सनावर ने वीडियो में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया कि एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारियां मौजूद हैं। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक मामले को लेकर नई बहस छिड़ गई।
CBI जांच के घेरे में VIP एंगल
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो और अन्य शिकायतों के आधार पर मामले में वीआईपी एंगल को लेकर जांच तेज हुई। इसी क्रम में प्रख्यात पर्यावरणविद् अनिल जोशी ने भी उत्तराखंड में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ तहरीर देकर FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद अब CBI ने दिल्ली में केस दर्ज कर मामले की परतें खोलने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
उत्तराखंड पहुंची CBI टीम, सभी पहलुओं की होगी जांच
CBI सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने इस मामले में सभी संभावित पहलुओं को खंगालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जांच टीम गवाहों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्य और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच समेत पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल कर रही है।
जल्द सामने आ सकती है VIP की पहचान
CBI की इस ताजा कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े रहस्यमयी वीआईपी की पहचान और भूमिका को लेकर जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है। लंबे समय से इस केस में वीआईपी एंगल को लेकर उठ रहे सवालों पर अब जांच एजेंसी की सक्रियता से पीड़ित परिवार और आम जनता को न्याय की उम्मीद बंधी है।



