
भगवानपुर (हरिद्वार)। भगवानपुर क्षेत्र के बिनारसी गांव में रविदास शोभायात्रा के बाद आयोजित भंडारे के दौरान रविवार को युवकों के दो गुटों में जबरदस्त झगड़ा हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई, जिसमें आनंद (28) की मौके पर ही मौत हो गई। देर रात गांव के खेत में दूसरे पक्ष के मांगेराम (45) का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना में तीन अन्य युवक विकास, योगेंद्र और गगन घायल हुए हैं।
भंडारे में जुटी थी भारी भीड़
रविवार को रविदास शोभायात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर के समीप भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। शाम करीब पांच बजे वहां भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान युवकों के दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हो गया, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया।
फायरिंग में युवक की मौत
झगड़े के दौरान दोनों पक्षों की ओर से गोलियां चलाई गईं। इसमें आनंद (28) के सीने में गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन युवक विकास, गगन और योगेंद्र घायल हो गए, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
धरने के बाद भेजा गया शव पोस्टमार्टम के लिए
घटना के बाद पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो ग्रामीणों और परिजनों ने विरोध करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। सड़क पर शव रखकर धरना दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर देर शाम शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
देर रात मिला दूसरा शव
देर रात गांव के पास खेत में दूसरे पक्ष के मांगेराम (45) का शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर पीटने के निशान थे। पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव बना पुलिस छावनी
दोनों पक्षों में तनाव को देखते हुए गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। झबरेड़ा, रुड़की, कलियर और भगवानपुर सहित कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इसके साथ ही गांव में तोड़फोड़ और आगजनी की कोशिश की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे दहशत का माहौल है।



