
देहरादून | राजधानी देहरादून के मच्छी बाजार स्थित बीच बाजार क्षेत्र में सोमवार को दिनदहाड़े हुई युवती की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर एसएसपी देहरादून ने खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रद्युमन नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसएसपी द्वारा इस पूरे प्रकरण की प्राथमिक जांच नगर क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि घटना से पूर्व मृतका द्वारा जान का खतरा जताते हुए 31 जनवरी को आरोपी के खिलाफ खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस स्तर पर शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी ने सोमवार को युवती की हत्या कर दी।
जांच रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि
सीओ सिटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में प्रारंभिक प्रतिक्रिया, साक्ष्य संकलन और त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक होती है, लेकिन चौकी स्तर पर इन सभी पहलुओं में गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है और आगे की विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तीन साल से परिचय, लगातार कर रहा था परेशान
परिजनों के अनुसार मृतका गुंजन और आरोपी आकाश पिछले तीन वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। गुंजन दूल्हा बाजार की एक कपड़े की दुकान में काम करती थी, जबकि आरोपी भी उसी बाजार की दूसरी दुकान में कार्यरत था। जब परिजनों को दोनों की दोस्ती की जानकारी हुई, तो उन्होंने गुंजन से मोबाइल फोन ले लिया, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई।
आरोपी शादीशुदा था और इसके बावजूद वह गुंजन को लगातार परेशान कर रहा था। काम पर आते-जाते समय उसका पीछा करना, धमकाना और मानसिक उत्पीड़न करना आम बात हो गई थी। इस संबंध में कई बार पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
हत्या से पहले दी थी जान से मारने की धमकी
परिजनों ने बताया कि घटना से तीन दिन पहले आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति से कहा था कि वह गुंजन को जान से मार देगा। इसके बावजूद इस गंभीर चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया, जिसका नतीजा यह हुआ कि सोमवार को बीच बाजार दिनदहाड़े आरोपी ने युवती की हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
प्रशासन सख्त, आगे भी होगी कार्रवाई
एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में यदि अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।



