उत्तराखंड

उत्तराखंड में लागू हुई ‘वीबी-जी राम-जी’ योजना, ग्रामीण मजदूरों की दैनिक मजदूरी ₹300 से अधिक

देहरादून,

केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (वीबी-जी राम-जी)’ बुधवार, 1 जुलाई से पूरे देश में लागू हो गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड में भी योजना प्रभावी हो गई है। नई व्यवस्था के तहत अब देश में किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ग्रामीण श्रमिकों को प्रतिदिन ₹300 से कम मजदूरी नहीं मिलेगी। उत्तराखंड में भी दैनिक मजदूरी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

उत्तराखंड में बढ़ी मजदूरी

पूर्व में मनरेगा के तहत उत्तराखंड में ग्रामीण श्रमिकों को ₹252 प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी। नई योजना लागू होने के बाद प्रदेश में दैनिक मजदूरी बढ़कर ₹300 से अधिक हो गई है। इससे राज्य के लाखों श्रमिकों की आय में लगभग 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी।

केंद्र सरकार के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद देशभर में औसत दैनिक मजदूरी ₹299 से बढ़कर ₹327 से अधिक हो जाएगी। पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर ₹300 की न्यूनतम आधार मजदूरी निर्धारित की गई है।

7.58 लाख श्रमिकों में 92 प्रतिशत की ई-केवाईसी पूरी

ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल ने उत्तराखंड में योजना लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार ने योजना को मिशन मोड में लागू करने की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं।

प्रदेश की 7,817 ग्राम पंचायतों की मैपिंग कर उनकी जानकारी केंद्र सरकार के युक्तिधारा (Yuktidhara) पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। वहीं, पूर्व मनरेगा योजना के तहत पंजीकृत 7.58 लाख सक्रिय श्रमिकों में से 92 प्रतिशत श्रमिकों की ई-केवाईसी भी पूरी हो चुकी है।

विकसित भारत-2047 के विजन का हिस्सा

भारत सरकार ने ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मनरेगा के स्थान पर वीबी-जी राम-जी लागू करने का निर्णय लिया था। केंद्र सरकार ने 11 मई 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 जून तक आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए थे।

उत्तराखंड सरकार ने केंद्र की अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद योजना के क्रियान्वयन की तैयारी शुरू कर दी थी, जिसके चलते प्रदेश पहले से ही नई व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार था।

318 प्रकार के विकास कार्यों को मंजूरी

नई योजना के अंतर्गत ग्रामीण विकास से जुड़े 318 प्रकार के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें—

  • 107 कार्य जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा से संबंधित,
  • 86 कार्य ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने वाले,
  • 88 कार्य ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास से जुड़े,
  • 37 कार्य आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन से संबंधित शामिल हैं।

इसके अलावा मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत कई कार्यों को भी नई योजना में शामिल किया गया है, जिससे विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

सरकार का मानना है कि वीबी-जी राम-जी योजना ग्रामीण रोजगार, आय वृद्धि और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति देगी। मजदूरी में वृद्धि के साथ-साथ कार्यों के दायरे का विस्तार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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