उत्तराखंड

त्रियुगीनारायण मन्दिर में अबतक 15 सालों से बनी हुई है शौचालय व सड़क की समस्या फिर भी सरकार व शाशन प्रशासन मौन

त्रियुगीनारायण मन्दिर में अबतक 15 सालों से बनी हुई है शौचालय व सड़क की समस्या फिर भी सरकार व शाशन प्रशासन मौन

हरीश चन्द्र ऊखीमठ

रूद्रप्रयाग/ ऊखीमठ शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर में अब तक करीब लगभग 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर लिए हैं वही त्रियुगीनारायण मन्दिर में अबतक 60 से अधिक दाम्पत्य जीवनों की शादी व विवाह भी हो गया है लेकिन अभी भी शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर में विगत 20 सालों से सुलभ शौचालय व सड़क की समस्या का अभबार लगा हुआ है वहीं त्रियुगीनारायण मन्दिर समिति के मठापति परशुराम गौरोला ने बताया कि भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह इसी स्थान त्रियुगीनारायण में हुआ था तब से इस स्थान को भगवान शिव और पार्वती के विवाह स्थल माना जाता है उन्होंने कहा इस स्थान पर देश विदेश व क्षेत्र के कई जोड़े शादी करने के लिए आते हैं जिनकी जहां पर शादी की जाती है।

बताया कि इस साल अब तक इस मन्दिर में 60 से अधिक शादी हो चुकी है और 20 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर लिए हैं मठापति परशुराम गौरोला ने विशेष रुप से एक बात का जिक्र किया है।

कि शिव पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर में देश विदेश व क्षेत्र और स्थानीय लाखों श्रद्धालुओं व भक्तजन आते हैं और आ रहें लेकिन इस दैवीय स्थान पर अभी भी विगत 15 या 20 सालों से सुलभ शौचालय व सड़क की बहुत बड़ी समस्या देखते को मिलती हैं उन्होंने कहा कि गुप्तकाशी से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर भगवान शिव का मंदिर त्रियुगीनारायण है।

लेकिन यहां कि सड़क की स्थिति बहुत ही देहनीय है खासकर सोनप्रयाग से ऊपर मंदिर परिसर तक जाने के लिए तो हर जगहों कच्ची और उखड़ी हुई सड़कें हैं जिससे ग्रामीणों व देश विदेश स्थानीय व क्षेत्रीय श्रद्धालुओं व भक्तजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिसके अलवा उन्होंने बताया कि भगवान शिव और पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर में विगत 20 सालों से सुलभ शौचालय की समस्या है जिससे देश विदेश व क्षेत्र भक्तजनों व श्रद्धालुओं को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है खासकर शुलभ शौचालय की बात करें तो त्रियुगीनारायण मन्दिर के जितने भी इधर उधर के पड़ाव या बजार है कई भी शुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं है जिससे देश विदेश के लाखों श्रद्धालुओं व भक्तजनों और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि इन दोनों समस्याओं के निराकरण करने के लिए उनके समिति द्वारा कई बार जिलाधिकारी व क्षेत्रीय विधायक और सरकार के पास पत्र देकर गुहार लगाई गई लेकिन सबकी कोरी आश्वासन देने के बाद भी मंदिर में यह समस्या जस की तस बनी हुई है साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व नेताओं द्वारा एक प्रकार से धार्मिक स्थलों के प्रति बड़े बड़े वादे किए जाते हैं तो वहीं दूसरी तरफ त्रियुगीनारायण मन्दिर के यह हाल है ।

बता दें कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान का नारा लगा रही है तो दूसरी तरफ यह कहानी दिख रही है जिसके लिए अभी भी शाशन प्रशासन व उत्तराखंड सरकार और क्षेत्र की विधायक मौन बैठी है अब क्या इनकी मानसिकता है यह अभी समय के गर्भ में छुपा हुआ है।

शिव पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर समिति के मठापति परशुराम गौरोला ने समस्त देश विदेश व क्षेत्र और स्थानीय हजारों श्रद्धालुओं व भक्तजनों का देव स्थान त्रियुगीनारायण मन्दिर में हार्दिक स्वागत व‌ अभिनंदन किया साथ ही समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि व त्रियुगीनारायण मन्दिर में स्वच्छता बनाए रखें, व मर्यादा का पालन करते हुए मर्यादा बनाए रखें या मर्यादा में रहे। मंदिर में पर्यावरण प्रदूषण न फैलाएं अपने सामान व छोटे बच्चों का स्वयं ध्यान रखें अंत में उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा का स्वयंम ध्यान रखें और दिल खोलकर भक्तिभाव से देव मंदिर में आये।

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