उत्तराखंडराजनीती

ईडी कार्रवाई के बीच हरीश रावत का पलटवार, बोले- नौकरी के बदले पैसे लेना तो दूर, चाय-पानी तक नहीं पिया

मां की सौगंध लेकर लगाए आरोपों को किया खारिज, पूर्व ओएसडी चंदन जीना को लेकर भी जताई चिंता

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी एवं वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई दी है। रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में किसी को नौकरी दिलाने या कोई लाभ पहुंचाने के बदले कभी पैसे नहीं लिए।

हरीश रावत ने अपनी मां की सौगंध लेते हुए कहा कि नौकरी देने के बदले पैसा लेना तो दूर, उन्होंने किसी से चाय-पानी तक नहीं लिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ उनकी छवि खराब करने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। रावत ने अपने पोस्ट में पुराने चुनावों के दौरान अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया और कहा कि उन दावों के समर्थन में अब तक कोई प्रमाण सामने नहीं आया।

चंदन जीना के पक्ष में जताई चिंता

रावत ने अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि जीना लंबे समय तक उनके साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीना के ठिकाने पर कार्रवाई के दौरान उनकी जीवनभर की पूंजी प्रभावित हुई है और उनके सामने परिवार तथा बच्चों की जिम्मेदारी है।

गौरतलब है कि सितंबर में ईडी ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार, चंदन सिंह जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। उनके और परिवार के सदस्यों के खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए।

राजनीतिक आरोपों पर भी रावत ने दिया जवाब

हरीश रावत ने अपने बयान में कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में कई बार अलग-अलग आरोप लगाए गए, लेकिन वे आरोप साबित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस तरह से उनके खिलाफ आरोपों को लेकर माहौल बनाया जा रहा है, वह उनके लिए चिंता का विषय है।

रावत ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में बड़ी संख्या में लोगों के काम के लिए सिफारिशें की हैं। उनके अनुसार, किसी की मदद करना और उसके बदले आर्थिक लाभ लेना दो अलग बातें हैं।

ED की कार्रवाई जांच का हिस्सा है और एजेंसी के आरोप अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं। मामले में आगे की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब से स्थिति स्पष्ट होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button