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हल्द्वानी डबल मर्डर: होनहार छात्रा लक्ष्मी और शुभम टम्टा की दर्दनाक कहानी, परिवारों में पसरा मातम

हल्द्वानी। बरेली रोड स्थित गल्ला मंडी में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद मृतकों की पहचान सामने आने पर दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। एक ओर जहां 19 वर्षीय लक्ष्मी पोखरिया पढ़ाई में बेहद होनहार छात्रा थी, वहीं 31 वर्षीय शुभम टम्टा का अतीत नशे की लत और विवादों से जुड़ा रहा है।

पढ़ाई में अव्वल थी लक्ष्मी, मेडिकल स्टोर में नौकरी कर उठाती थी खर्च

ओखलकांडा के दुर्गम क्षेत्र मल्ली पोखरी निवासी 19 वर्षीय लक्ष्मी पोखरिया बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह हल्द्वानी स्थित एमबीपीजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी और गौजाजाली क्षेत्र में अपने सौतेले भाई के पास रह रही थी।

परिवार के अनुसार, लक्ष्मी ने हाईस्कूल में 90 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। गांव में बेहतर शिक्षा की सुविधा न होने के कारण वह आगे की पढ़ाई के लिए हल्द्वानी आई थी। पढ़ाई के साथ-साथ वह मेडिकल स्टोर में काम कर अपने खर्च खुद निकालती थी।

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बड़े भाई सुरेश पोखरिया ने बताया कि उनके पिता हेमचंद्र पोखरिया पुरोहित हैं। लक्ष्मी उनकी दूसरी मां गंगा देवी की बड़ी बेटी थी। परिवार में कुल आठ भाई-बहन हैं।

उन्होंने बताया कि करीब पांच माह पहले लक्ष्मी ने कॉलेज के पास रहने की बात कहकर मुखानी क्षेत्र में किराए का कमरा ले लिया था। पिछले डेढ़ माह से परिवार का उससे संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। अचानक पुलिस से फोन पर उसकी मौत की सूचना मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

शुभम टम्टा: संपन्न परिवार से था नाता, नशे की लत ने बिगाड़ी जिंदगी

दूसरे मृतक की पहचान 31 वर्षीय शुभम टम्टा के रूप में हुई है। वह अल्मोड़ा लोवर माल रोड तल्ला खोल्टा का निवासी था और हल्द्वानी के डहरिया ओम विहार कॉलोनी में भी उसका घर था।

शुभम के पिता किशोरी लाल डाक विभाग में कर्मचारी थे, जबकि मां भागीरथी देवी पूर्व प्रधान रही थीं। दोनों का बीमारी के चलते पहले ही निधन हो चुका है। शुभम छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था और उसके सभी भाई-बहन सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं।

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उसके ताऊ, सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी हरीश लाल ने बताया कि शुभम नशे की गिरफ्त में आ गया था। परिवार ने उसे कटघरिया लामाचौड़ स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया, जहां दो-तीन साल रहने के बाद वह सुधर गया था। बाद में उसे वहीं सुपरवाइजर की नौकरी भी मिली।

इसके बाद वह दूसरे नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलर के रूप में कार्य कर रहा था, लेकिन करीब चार माह पहले उसने वह नौकरी भी छोड़ दी थी। पुलिस के अनुसार वर्ष 2021 में अल्मोड़ा में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी भी दर्ज है।

परिवार के मुताबिक नशे की लत के कारण उसने एक समय अपनी मां के कान के झुमके तक बेच दिए थे, जिसके बाद परिजन बेहद परेशान हो गए थे।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस दोनों मृतकों के आपसी संबंधों और घटना की परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है। दोहरे हत्याकांड के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारी मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जल्द खुलासे का दावा किया जा रहा है।

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