
देहरादून: बेसिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल से मारपीट की घटना के विरोध में शिक्षकों और विभिन्न विभागों के 53 मान्यता प्राप्त संगठनों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने संयुक्त मोर्चा बना लिया है। रविवार को शिक्षा निदेशालय में करीब छह घंटे चली बैठक के बाद मोर्चा ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 25 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है।
“यह हमला पूरे सरकारी सिस्टम पर”
बैठक में उपस्थित संगठनों के पदाधिकारियों ने शनिवार की घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह हमला केवल शिक्षा निदेशक पर नहीं, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र पर किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ हैं और कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
संयुक्त मोर्चा का गठन
बैठक में संयुक्त मोर्चा की कमान राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान को सौंपी गई है।
महामंत्री की जिम्मेदारी मिनिस्ट्रियल फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश बहुगुणा को दी गई, जबकि संजय भाष्कर को मीडिया प्रभारी नामित किया गया है।आंदोलन संचालन के लिए 31 सदस्यीय कोर कमेटी भी गठित की गई है।
सोमवार से कार्य बहिष्कार
निर्णय लिया गया कि बोर्ड परीक्षा ड्यूटी को छोड़कर शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू करेंगे। कर्मचारी सुबह कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कर शिक्षा निदेशालय में धरने पर बैठेंगे।
यदि दो दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो 25 फरवरी से ग्राम पंचायत से लेकर सचिवालय स्तर तक के कर्मचारी भी कार्य बहिष्कार में शामिल होंगे।
बोर्ड परीक्षा रहेगी प्रभावित नहीं
छात्र हित को ध्यान में रखते हुए फिलहाल बोर्ड परीक्षा को आंदोलन से अलग रखा गया है। परीक्षा में लगे शिक्षक एक सप्ताह तक आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। आगे की रणनीति गिरफ्तारी की स्थिति पर निर्भर करेगी।
कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एसओपी की मांग
संयुक्त मोर्चा ने निर्णय लिया है कि वह मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन से मुलाकात कर सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए तत्काल एसओपी जारी करने की मांग करेगा। साथ ही सभी विभागों में सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग रखी जाएगी।



