
मसूरी। मसूरी-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल देवलोक के निकट प्रतिधारक दीवार क्षतिग्रस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण के बाद अवैध खनन, मानचित्र से अधिक खुदाई और मानकों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है। मामले में पार्षद की पत्नी समेत तीन लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई है।
संयुक्त निरीक्षण में क्या मिला?
संयुक्त मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद मसूरी, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA), राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, खनन विभाग और पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि संबंधित संपत्ति 349.50 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अनीता थलवाल, सुनीता धनई और सतीश गोयल के नाम दर्ज है। एमडीडीए द्वारा आवासीय मानचित्र के तहत 178.85 वर्गमीटर (भूतल) और कुल 420.66 वर्गमीटर निर्माण की स्वीकृति दी गई थी।
निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे से 4.82 मीटर और मध्य रेखा से 10.07 मीटर दूरी पर अनुमन्य था।
अवैध खुदाई से दीवार ध्वस्त
निरीक्षण में सामने आया कि जेसीबी/एक्सकेवेटर से राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर अवैध खनन किया गया। मानकों के अनुरूप कार्य न होने से पूर्व में जमा मलबा खिसक गया और प्रतिधारक दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इससे मार्ग यातायात के लिए असुरक्षित हो गया।
जनसुरक्षा को देखते हुए मार्ग तत्काल बंद कर दिया गया है। यातायात को मोतीलाल नेहरू मार्ग, हाथीपांव मार्ग और नगर पालिका मार्ग से डायवर्ट किया गया है।
80 लाख की आरसी, 11.64 लाख जुर्माना
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को क्षतिग्रस्त दीवार के पुनर्निर्माण के निर्देश दिए हैं। पुनर्निर्माण व अन्य क्षति की भरपाई संबंधितों से आरसी (लगभग 80 लाख रुपये) के माध्यम से वसूली जाएगी।
खनन विभाग की जांच में 1522.50 घनमीटर / 4384.80 टन मिट्टी मिश्रित चूना पत्थर का अवैध खनन पाया गया। नियमों के तहत तीन गुना रॉयल्टी दर से ₹11,64,164 का अर्थदंड लगाया गया है।
एफआईआर दर्ज, मानचित्र निरस्त
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से संबंधितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है। एमडीडीए को स्वीकृत मानचित्र निरस्त कर निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



