
देहरादून | 26 अगस्त 2025
103वीं वीतराग विज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन कुंदकुंद कहान दिगंबर स्वाध्याय मंदिर, देहरादून में सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत णमोकार मंत्र और महावीर प्रार्थना के साथ हुई। सभी ने पंच परमेष्ठी प्रभु का स्मरण करते हुए वीतराग पथ पर चलने का संकल्प दोहराया।
बच्चों की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ
वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों ने कविता और नाट्य-रूपांतरण के माध्यम से पंच परमेष्ठी, चौबीस तीर्थंकरों का स्वरूप, और पंचम गति से मुक्ति का संदेश प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
104वीं प्रतियोगिता का हुआ विमोचन
कार्यक्रम में पाठशाला की अध्यक्ष वीना जैन ने जैन मिलन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नरेश चंद जैन एवं केंद्रीय महिला संयोजिका मधु सचिन जैन के कर-कमलों से वीतराग विज्ञान प्रतियोगिता-104 का औपचारिक विमोचन कराया। मधु जैन ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में योगीन्दु देव द्वारा रचित ‘योगसार ग्रंथ’ का अध्ययन जारी है। उन्होंने बताया “इस वर्ष योगसार के तीसरे चरण की प्रतियोगिता आयोजित की गई, दूसरे चरण के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए और चौथे एवं अंतिम चरण का साहित्य वितरित किया गया।”
अतिथि स्वागत एवं सहभागिता
कार्यक्रम में अध्यापिकाओं वंदना जैन, प्रीति अनुभा आदि ने सभी अतिथियों व पदाधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।