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उत्तराखंड-राजस्थान मिलकर बढ़ाएंगे पर्यटन गतिविधियां: सतपाल महाराज, जयपुर में तीज महोत्सव में की सहभागिता

देहरादून।
उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने राजस्थान के जयपुर में आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव में शिरकत करते हुए कहा कि उत्तराखंड और राजस्थान सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त योजना बनाकर कार्य करेंगे।

महाराज ने तीज पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व देवी पार्वती की 108 जन्मों की घोर तपस्या और भगवान शिव से विवाह की दिव्य कथा से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में भी यह पर्व विशेष श्रद्धा से मनाया जाता है क्योंकि त्रिजुगीनारायण मंदिर, रुद्रप्रयाग को शिव-पार्वती विवाह स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसी मान्यता के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने उस विवाह में पुरोहित और भगवान विष्णु ने भाई की भूमिका निभाई थी।

जयपुर के पौंड्रिक पार्क में आयोजित तीज महोत्सव में राजस्थान की लोकपरंपराएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और तीज माता की भव्य शोभायात्रा ने विशेष आकर्षण बटोरा। सतपाल महाराज ने कहा कि यह महोत्सव महिलाओं की आस्था, वैवाहिक समर्पण और वर्षा ऋतु के स्वागत का प्रतीक है। उन्होंने राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत को संजोने का कार्य करता है।

महाराज ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में तीज को महादेव-पार्वती के पावन विवाह दिवस के रूप में मनाया जाता है और आने वाले समय में इस धार्मिक स्थल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की भी आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में राजस्थान की उप मुख्यमंत्री व पर्यटन मंत्री दिया कुमारी, उत्तराखंड की पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत, पर्यटन विभाग के अधिकारी, लोक कलाकार और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

यह आयोजन उत्तराखंड-राजस्थान के सांस्कृतिक समन्वय और पर्यटन विकास की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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