
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सनातन धर्म और देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अगर इसे हेट स्पीच कहा जाता है, तो वे इसे “लाख बार” बोलने को तैयार हैं और इसके लिए नीतियां बनाकर सख्ती से अमल भी कराएंगे।
मुख्यमंत्री यह बयान देहरादून के नींबूवाला क्षेत्र में मीडिया से बातचीत के दौरान दे रहे थे। उनसे एक अमेरिकी एनजीओ की रिपोर्ट को लेकर सवाल किया गया था, जिसमें उनके बयानों को हेट स्पीच देने वालों में सबसे आगे बताया गया है।
अमेरिकी रिपोर्ट पर सीएम का जवाब
सीएम धामी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक अमेरिकी एनजीओ की रिपोर्ट के आधार पर उनके बयानों को गलत तरीके से हेट स्पीच बताया जा रहा है। उन्होंने कहा,“सनातन की रक्षा, देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। न जबरन धर्मांतरण होने दूंगा और न ही धर्म के नाम पर अतिक्रमण।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि वे जबरन धर्मांतरण, लव जिहाद, थूक जिहाद, लैंड जिहाद और राज्य की डेमोग्राफी बदलने की साजिशों के खिलाफ बोलते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।“मैं हजार बार नहीं, लाख बार यह बात कहूंगा और इसे जमीन पर उतारने के लिए पूरी ताकत से काम भी करूंगा,” — धामी।
देवभूमि पर संकल्प अटल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित और सशक्त उत्तराखंड सौंपा जाए।उन्होंने कहा “देवभूमि को सुरक्षित रखना मेरा अटल संकल्प है और इसके लिए जो भी करना पड़े, वह किया जाएगा,”।
यूसीसी पर दुष्प्रचार का आरोप
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस समेत कुछ तत्वों पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ का पंजीकरण कराने से बाहरी व्यक्ति को राज्य का निवासी मान लिया जाएगा।
सीएम धामी ने साफ किया कि लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण राज्यहित में अनिवार्य किया गया है और इसके साथ कड़े प्रावधान भी जोड़े गए हैं।
“अब कोई भी अपनी पहचान छिपाकर किसी को धोखा नहीं दे सकता,” उन्होंने कहा।



