नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हंगामा, हाईकोर्ट सख्त: DM-SSP को तलब, कथित अपहरण की जांच के आदेश
नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव मतदान से पहले जमकर हंगामा खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसके समर्थक जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण किया गया है। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया, जहां अदालत ने DM और SSP नैनीताल को तलब करते हुए कथित लापता सदस्यों को 4:30 बजे तक पेश करने के निर्देश दिए हैं।

नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर उत्तराखंड के नैनीताल में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पार्टी समर्थित जिला पंचायत सदस्यों को जबरन उठाकर ले जाया गया।
यह मामला तब और गरम हो गया जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर कुछ सदस्यों को जबरन ले जाते हुए देखा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन कार्यवाही नहीं होने पर वे हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए।
-
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने DM और SSP नैनीताल को तत्काल कोर्ट में तलब किया।
-
अदालत ने आदेश दिया कि 4:30 बजे तक कथित लापता सभी सदस्यों को कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए।
-
हाईकोर्ट ने साफ किया कि सभी जिला पंचायत सदस्यों की मौजूदगी में ही मतदान कराया जाएगा।
-
कोर्ट ने कहा, जरूरत पड़ी तो वोटिंग का समय भी बढ़ाया जा सकता है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के चलते चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया को रोका गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित होने तक मतदान स्थगित रहेगा। साथ ही जरूरत पड़ी तो मतदान का समय भी आगे बढ़ाया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष की ओर से वीडियो साझा कर आरोप लगाए गए कि सत्ताधारी पक्ष प्रशासन का दुरुपयोग कर रहा है। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।
कथित अपहरण की घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो की सत्यता की जांच भी कोर्ट ने पुलिस को सौंपी है।
नैनीताल जिला पंचायत चुनाव अब सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि कानूनी और राजनीतिक लड़ाई बन चुका है। हाईकोर्ट की सख्ती से मामला गंभीर मोड़ ले चुका है। सभी की नजरें अब शाम 4 बजे की कोर्ट सुनवाई और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।