
उत्तराखंड विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र मंगलवार से भराड़ीसैंण स्थित राज्य विधानसभा भवन में शुरू हुआ। सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया, जिससे कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के हंगामे के बीच 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इसके साथ ही नौ महत्वपूर्ण विधेयक भी पटल पर रखे गए।
सदन में पेश हुए ये 9 विधेयक:
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उत्तराखंड विनियोग 2025-26 का अनुपूरक विधेयक
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उत्तराखंड उत्तर प्रदेश श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध प्रतिषेध संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक
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उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक
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समान नागरिक संहिता उत्तराखंड संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन विधेयक
उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक
विपक्ष का विरोध, तोड़े माइक और टेबल
कांग्रेस विधायकों ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए सचिव की टेबल पलटने की कोशिश की और माइक तथा टेबलेट तोड़ दिए। वेल में आकर कार्यसूची फाड़कर हवा में लहराई और विरोध में धरने पर बैठ गए। इस दौरान सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा अध्यक्ष की नाराजगी
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने विपक्षी विधायकों की हरकतों को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक” बताया। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा को इस तरह तोड़ना लोकतंत्र के लिए सही संदेश नहीं देता।
दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि
सत्र की शुरुआत में दिवंगत पूर्व विधायक मुन्नी देवी को श्रद्धांजलि दी गई। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मंत्री धन सिंह रावत और सौरभ बहुगुणा ने उन्हें याद करते हुए शोक व्यक्त किया।
अगली कार्यवाही
सत्र की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।