
धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो के बीच शोभा यात्रा
देहरादून। धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो और जी हाँ कुछ ऐसी ही भावनाओं के साथ प्राचीन शिव मन्दिर धर्मपुर चौक देहरादून का वार्षिक उत्सव विशाल कलश यात्रा व शोभा यात्रा के बीच प्रारम्भ हो गया है। इस अवसर पर श्रीमदभागवत कथा की ज्ञान गंगा 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चलेगी।
इस अवसर पर कलश यात्रा का शुभारम्भ टपकेश्वर महादेव मन्दिर के 108 महन्त कृष्ण गिरी महाराज, दिगंम्बर भरत गिरी महाराज,सर्व व्यवस्था प्रमुख सीता राम भट्ट, देवेन्द्र अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक दिनेश चमोली, मदन हरला, प्रमोद शर्मा, सुनील कौशिक ने घुडसवारो को मन्दिर का ध्वज देकर व झण्डा लहराकर किया।
इस अवसर पर शोभा यात्रा की अगुआई 21 स्कूटी सवार दुर्गावाहिनी की बहनो ने ’ झांसी की रानी बनकर की व 31 मोटर साईकिल सवार शिव भक्तों ने यातायात के नियमों का पालन कर जयघोष के साथ सबसे आगे धर्मध्वज लेकर चल रहे थे। इस अवसर पर गणेश महाराज की झांकी, रामेश्वर का पूजन करते हुए राम-लक्ष्मण, जामवन्त, हनुमान, ऋषि, वानर सेना चल रही थी।
इस अवसर पर माता द्वारा महिषासुर का संहार, शहनाई के द्वारा कानो को सुन्दर धुन सुनाई गई। इस दौरान गुजराती परिवेश मे क्षेत्र की महिलाओं ने सुन्दर डांडिया नृत्य किया। राम दरबार की झांकी, हनुमान का राम नाम मे मगन नृत्य करना, श्रीकृष्ण-रूकमणी सुदामा का सत्कार करते हुए दिखाई दे रहे थे। भगवान भोलेनाथ शिव शम्भू की बारात में तो भूत पिशाच, ऋषि मुनि नारद, नंदी, ब्रहमा, विष्णु, राजा महाराजा, ढोल नगाडे बजाते हुए नाच रहे थे।
इस अवसर पर माँ शेरावाली शेर पर सवार थी। राधा-कृष्ण की अलौकिक छवि दिखाई दे रही थी। राधा-कृष्ण मोर नृत्य कर रहे। गोवर्धन शिशु मन्दिर के बच्चे घोष के साथ जयकारा लगा रहे थे, साथ ही 208 कलश धारण कर क्षेत्र की देवियो द्वारा व्यास की अगुवाई करते हुए चल रही थी। व्यास महाराज का रथ व श्रीमद्भागवत महापुराण मन्दिर के प्रधान देवेन्द्र अग्रवाल व उप प्रधान आत्माराम शर्मा ने अपने मस्तिष्क पर धारण कर क्षेत्र को पवित्र, किया ।
कलश यात्रा का जगह-जगह पर फूलों की वर्षा व जल-पान से स्वागत किया गया। शोभा यात्रा का मुख्य आर्कषण नन्दा देवी राजजात यात्रा, उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलकियां, धर्म संस्कृति, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण हेतु ब्राहमणों द्वारा यज्ञ किया जा रहा था कूड़ा निस्तारण हेतु स्वयंसेवक अपनी टीम के साथ चल रहे थे।