आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण के लिए शासन में दस्तक
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने 3702 लंबित प्रकरणों पर कार्रवाई को लेकर मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन

देहरादून, 29 जुलाई 2025 — जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व जीएनवीएन उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने राज्य के लंबित आंदोलनकारी प्रकरणों को लेकर शासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें लगभग 3702 राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण संबंधी लंबित पत्रावलियों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
“3702 पात्र व्यक्तियों की फाइलें सालों से अटकी हैं” — नेगी
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि लगभग डेढ़ से दो वर्षों से 3702 व्यक्तियों की फाइलें लंबित हैं। इनमें कई ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जो पूर्ण रूप से पात्र हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा अनावश्यक आपत्तियाँ लगाकर मामलों को टाल दिया गया है।
मुख्य सचिव ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए मामले में जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शासन इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है।
“20 करोड़ रुपए वार्षिक खर्च बताकर वंचितों को दबाया जा रहा” — नेगी
नेगी ने कहा कि अधिकारियों द्वारा इन आंदोलनकारियों पर प्रति वर्ष 20 करोड़ रुपये खर्च का बहाना बनाकर फाइलों को रोके रखा गया है। साथ ही भविष्य में संख्या बढ़ने की संभावना बताकर दबाव की राजनीति की जा रही है, जो न केवल अनुचित है बल्कि बेहद कष्टकारी भी है।
मुख्य आरोप: निजी हित साधने में जुटे हैं अफसर
नेगी ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे जनहित के मामलों को टालकर केवल अपने निजी हितों में लगे हैं। उनका आंदोलनकारियों की पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है।
रघुनाथ सिंह नेगी ने शासन से लंबित आंदोलनकारी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, पात्रता की निष्पक्ष जांच, और पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो जन संघर्ष मोर्चा आंदोलन की राह भी अपना सकता है।