
हल्द्वानी, उत्तराखंड – नैनीताल में 14 अगस्त को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान हंगामा, कथित अपहरण और बेतालघाट में हुई फायरिंग की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दिए दो स्तरीय जांच के आदेश:
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CBCID जांच – नैनीताल व बेतालघाट की घटनाओं में दर्ज सभी मुकदमों की जांच अब CBCID द्वारा की जाएगी।
प्रशासनिक जांच – पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई:
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बेतालघाट फायरिंग केस में भवाली के सीओ प्रमोद शाह को जिले से बाहर ट्रांसफर किया गया है।
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नैनीताल प्रकरण में थानाध्यक्ष तल्लीताल का भी तबादला जिले से बाहर कर दिया गया है।
14 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव के दौरान हंगामा हो गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भाजपा समर्थकों ने उनके पांच जिला पंचायत सदस्यों का कथित अपहरण किया और मतदान में बाधा डाली। इसके वीडियो भी वायरल हुए थे।
वहीं, बेतालघाट में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच फायरिंग हुई, जिसमें एक व्यक्ति को गोली लगी। पुलिस ने फायरिंग मामले में आधा दर्जन लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मुख्यमंत्री ने की विपक्षी नेताओं से बातचीत:
विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण में धरने पर बैठे विपक्षी दलों के नेताओं से मुख्यमंत्री धामी ने फोन पर बात की। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह से बातचीत कर धरना समाप्त करने की अपील की और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जा रही है।