
शबनम ममगाईं | देहरादून | 18 अगस्त 2025:
उत्तराखंड के पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दमदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के 11 में से 10 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर कब्जा जमाया है। देहरादून में कांग्रेस की प्रत्याशी को सफलता मिली, जबकि नैनीताल जिले का परिणाम फिलहाल हाईकोर्ट में मामला होने के कारण लंबित है। इन चुनावों को 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है, ऐसे में भाजपा की यह जीत पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक बढ़त मानी जा रही है।
निर्दलीयों ने तय की जीत की दिशा
358 जिला पंचायत सीटों में से 145 पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। भाजपा समर्थित 121 और कांग्रेस समर्थित 92 सदस्य चुने गए। कई जिलों में अध्यक्ष पद की दौड़ में निर्दलीय सदस्यों ने किंगमेकर की भूमिका निभाई। देहरादून में कांग्रेस के पास 13 सदस्य थे, जबकि बहुमत के लिए जरूरी समर्थन निर्दलीयों से मिला। भाजपा ने भी कई जिलों में अध्यक्ष पद की कुर्सी निर्दलीयों के सहयोग से पाई।
नैनीताल में चुनावी घमासान, मामला पहुंचा हाईकोर्ट
नैनीताल में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है, जिससे वहां का चुनावी परिणाम फिलहाल रुका हुआ है। कोर्ट के निर्देश के बाद ही वहां की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीतिक मायने: 2027 के लिए मजबूत आधार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पंचायत चुनाव भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में एक मनोवैज्ञानिक बढ़त है। वहीं, कांग्रेस के लिए देहरादून की जीत सांत्वना से कम नहीं, पर संगठन को फिर से मजबूती देने की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है।