
देहरादून, 2 अगस्त — चिकित्सा क्षेत्र में एक असाधारण उपलब्धि हासिल करते हुए, ऑल्ट्रस हेल्थकेयर की विशेषज्ञ टीम ने समय से पूर्व जन्मी एक नवजात बच्ची की जटिल और दुर्लभ सर्जरी कर उसकी जान बचाई। बच्ची मात्र 32 सप्ताह में जन्मी थी और उसका वजन दो किलोग्राम से भी कम था। उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था।
डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची मूत्र विसर्जन में असमर्थ थी और जन्मजात रूप से प्राकृतिक प्रसव मार्ग के बिना पैदा हुई थी। उसे हाइड्रोमेट्रोकोल्पोज नामक अत्यंत दुर्लभ अवस्था से पीड़ित पाया गया, जिसमें योनि छिद्र रहित होती है और मूत्रमार्ग-योनि के बीच असामान्य जुड़ाव (नालव्रण) होता है।
आपको बता दें कि इस स्थिति से नवजात शिशु को गुर्दा फेल होने का तत्काल खतरा था, और साथ ही भविष्य की प्रजनन क्षमताओं पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता था।
ऑपरेशन के दौरान, सर्जन डॉ. महेंद्र डांडगे के नेतृत्व में, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल वार्ष्णेय और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र वर्मा की टीम ने मिलकर इस अत्यंत जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। उन्होंने न केवल मूत्र निकास की रुकावट को दूर किया, बल्कि बच्ची के लिए भविष्य में सुरक्षित प्रजनन मार्ग भी तैयार किया।
ऑल्ट्रस हेल्थकेयर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल वार्ष्णेय ने कहा, “ऐसे मामले अविश्वसनीय रूप से दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण होते हैं। हमारी टीम की तेज़ डायग्नोसिस और निर्णायक सर्जिकल कार्रवाई ने न केवल इस नवजात की जान बचाई, बल्कि उसे एक सामान्य और स्वस्थ जीवन की संभावना दी।”
इस सर्जरी को चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का अद्भुत उदाहरण है।