
देहरादून। आईसीएफआरई-वन अनुसंधान संस्थान में वन महोत्सव 2025 हर्षोल्लास और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक महोदया के मुख्य आतिथ्य में हुआ, जिन्होंने वृक्षारोपण के महत्व और संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैज्ञानिक डॉ. दिनेश कुमार द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसमें वन अनुसंधान संस्थान के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों का स्वागत किया गया। निदेशक ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में वृक्षारोपण की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केवल वृक्षारोपण करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि पौधों की सतत देखभाल भी अनिवार्य है।
इस अवसर पर निदेशक महोदया ने सीता अशोक का पौधा रोपित कर वन महोत्सव 2025 का औपचारिक शुभारंभ किया। तत्पश्चात सभी वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सीता अशोक और अर्जुन के पौधे संस्थान परिसर में लगाए।
कार्यक्रम का सफल संचालन विस्तार प्रभाग, रेंज कार्यालय और केंद्रीय पौधशाला की टीम ने किया। यह आयोजन वन अनुसंधान संस्थान की पर्यावरण संरक्षण और सतत वन प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः प्रदर्शित करता है।
इस वन महोत्सव कार्यक्रम में अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने मिलकर पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया।