
उत्तराखंड में आज 15 अगस्त 2025 को 79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों और विशिष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी बधाई
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी प्रदेश और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राजभवन परिसर में ध्वजारोहण किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा: “इस ऐतिहासिक अवसर पर उन सभी अमर शहीदों को नमन, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।”मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी समारोह में बोलते हुए बलिदानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों को याद किया और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी।
सचिवालय, विधानसभा और जिलों में भी समारोह
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें बलिदान और समर्पण के उस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है जिसने हमें स्वतंत्रता दिलाई। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश मातृशक्ति व युवा शक्ति के सहयोग से तेज़ी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है। ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा: “यह दिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और सेवा के संकल्प को दोहराने का अवसर है।”
शहीद नंदन सिंह को दी श्रद्धांजलि
बागेश्वर के स्यानकोट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में आज एक भावुक क्षण तब आया, जब आईटीबीपी की 54वीं बटालियन द्वारा हेड कांस्टेबल नंदन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
नंदन सिंह ने वर्ष 2017 में अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके सम्मान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विद्यार्थियों और जवानों ने मौन रखकर उन्हें नमन किया।
उत्सव के साथ संकल्प का दिन
स्वतंत्रता दिवस 2025 का यह दिन उत्तराखंड के लिए सम्मान, स्मरण और संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा है। ध्वजारोहण कार्यक्रमों से लेकर श्रद्धांजलियों तक, हर आयोजन ने उन वीरों की याद दिलाई, जिन्होंने भारत को आज़ादी दिलाई और राज्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।