अब तक 30,000 हस्ताक्षर हो चुके हैं इकट्ठा: बस्ती बचाओ आंदोलन
रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड और नगर निगम के नोटिसों के खिलाफ 50,000 हस्ताक्षरों के साथ मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन

देहरादून, 29 जुलाई 2025 — बस्ती बचाओ आंदोलन ने रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना और नगर निगम द्वारा भेजे गए नोटिसों से प्रभावित हजारों लोगों की ओर से विरोध दर्ज कराते हुए अब तक 30,000 से अधिक हस्ताक्षर इकट्ठा कर लिए हैं। आंदोलन के संयोजक अनन्त आकाश ने बताया कि शीघ्र ही 50,000 हस्ताक्षरों के साथ एक ज्ञापन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।
संयोजक अनन्त आकाश ने बताया कि:
“नगर निगम द्वारा जारी नोटिस और एलिवेटेड रोड परियोजना के तहत चल रहे भेदभावपूर्ण सर्वेक्षणों से केवल गरीबों को बेदखल करने की तैयारी हो रही है, जबकि बड़े रसूखदारों को जानबूझकर सर्वे से बाहर रखा जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि इन मुद्दों पर उत्तराखंड हाईकोर्ट में पहले से सुनवाई चल रही है, जिसकी अगली तारीख 25 अगस्त 2025 निर्धारित है।
एलिवेटेड रोड परियोजना: गरीबों पर सीधी मार
बस्ती बचाओ आंदोलन का आरोप है कि एलिवेटेड रोड परियोजना में केवल गरीब बस्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। संपन्न और प्रभावशाली लोग इस सर्वे से अप्रभावित हैं।
अपील: “गुमराह न हों, एकजुट रहें”
अनन्त आकाश ने बस्तीवासियों से एकता बनाए रखने और अफवाहों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने चेताया कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के चलते आंदोलन को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
“गरीबों की लड़ाई केवल एकजुटता और भागीदारी से ही जीती जा सकती है। बाहरी हस्तक्षेप से सतर्क रहें।”
बस्ती बचाओ आंदोलन के तहत हजारों प्रभावित लोग रोजमर्रा के अधिकारों और आवास सुरक्षा के लिए आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। संगठन की रणनीति साफ है — सरकार की नीतियों के खिलाफ संगठित प्रतिरोध और कानूनी लड़ाई के ज़रिए अपने अधिकारों की रक्षा।