
देहरादून | 22 अगस्त 2025:
उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में आत्महत्या करने वाले युवक जितेंद्र कुमार नेगी के वायरल वीडियो में लगे गंभीर आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने त्वरित एक्शन लेते हुए युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को पद से हटा दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि भाजपा एक अनुशासित और नीति-आधारित संगठन है, जहां व्यक्तिगत विवादों और अनैतिक गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है।
आरोपों के बाद बड़ा फैसला
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा:
“जैसे ही हिमांशु चमोली के खिलाफ आरोपों की जानकारी मिली, उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया।”
वहीं भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत ने हिमांशु चमोली को पद से हटाने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।
रावत ने बयान दिया:
“यह मामला व्यक्तिगत है, इसलिए अब इसमें कानून अपना काम करेगा।“
सरकार और संगठन दोनों की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना के बाद प्रदेश सरकार ने भी तत्परता दिखाई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने हिमांशु चमोली समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच शुरू हो चुकी है, और वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
भाजपा की स्पष्ट नीति: ‘शुचिता से कोई समझौता नहीं’
महेंद्र भट्ट ने कहा:
“भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। हम नीतियों, सिद्धांतों और सार्वजनिक जीवन की शुचिता को सर्वोपरि मानते हैं। किसी भी व्यक्ति विशेष के गलत कार्यों के कारण पार्टी की छवि धूमिल नहीं होने दी जाएगी।”
क्या था वायरल वीडियो में?
युवक जितेंद्र नेगी ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उसने हिमांशु चमोली और कुछ अन्य लोगों पर जमीन के सौदे में धोखा देने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए थे।
इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रदेशभर में रोष फैल गया और राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर हमलावर रुख अपनाया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार से पूछा है कि क्या सिर्फ पद से हटाने से न्याय मिल जाएगा? उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच के लिए विशेष टीम गठित
पुलिस ने मामले की गहनता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। आत्महत्या से जुड़ा वीडियो, आरोपी के मोबाइल और वित्तीय लेन-देन की डिजिटल जांच की जा रही है।
पार्टी स्तर पर भी आंतरिक रिपोर्ट तलब
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने अपने आंतरिक अनुशासन समिति से इस पूरे मामले की प्राथमिक रिपोर्ट तलब की है ताकि संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी तत्व को पूरी तरह से पार्टी से बाहर किया जा सके।